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बगलिहार बांध जिसे “बग्लिहार जलविद्युत परियोजना” के नाम से भी जाना जाता है। बगलिहार बांध जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर एक रन-ऑफ-द-रिवर बिजली परियोजना है। बगलिहार बांध जम्मू और कश्मीर विद्युत विकास निगम द्वारा निष्पादित पहली बिजली परियोजना है। बांध बनाने का प्रस्ताव वर्ष 1992 में लिया गया था और वर्ष 1996 में इसे मंजूरी दी गई थी और निर्माण वर्ष 1999 में शुरू हुआ था। बगलिहार बांध परियोजना की अनुमानित लागत एक सौ करोड़ रुपये थी। परियोजना में 450 मेगावाट के दो चरण शामिल हैं। परियोजना का पहला चरण 2008 – 2009 में पूरा हुआ और परियोजना का दूसरा चरण 2015 -2016 में पूरा हुआ।

बगलिहार बांध
बगलिहार बांध जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर एक रन-ऑफ-द-रिवर बिजली परियोजना है
हाल ही में बगलिहार बांध चर्चा में क्यों रहा?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने चेनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोकने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
बगलिहार बांध के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
– बगलिहार बांध को बगलिहार जलविद्युत परियोजना के नाम से भी जाना जाता है।
– बगलिहार बांध जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर एक रन-ऑफ-द-रिवर बिजली परियोजना है।
– बगलिहार बांध का कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण 144.5 मीटर ऊंचा और 363 मीटर लंबा है।
– बांध का कुल आयतन 1.9 मिलियन m³ है, जो 475 मिलियन m³ की क्षमता वाला जलाशय बनाता है।
– भूमिगत बिजलीघर 221 मीटर लंबा, 24 मीटर चौड़ा और 51 मीटर ऊंचा है।
– इस परियोजना की योजना 1992 में शुरू हुई और 1996 में इसे मंजूरी दी गई और निर्माण वर्ष 1999 में शुरू हुआ।
– इस परियोजना में 450 मेगावाट के दो चरण शामिल हैं।
– बगलिहार बांध का पहला चरण 2004 में पूरा हुआ था।
– दूसरा चरण वर्ष 2008 में पूरा हुआ।
– बगलिहार बांध द्वारा बिजली पैदा करने की कुल क्षमता 900 मेगावाट है।

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उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।